Tuesday, January 31, 2023
उत्तर प्रदेशचंदौलीजनपद में खोजे गये 357 नए टीबी मरीज

जनपद में खोजे गये 357 नए टीबी मरीज

Amitesh Kumar Mishra
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मैं अमितेश कुमार मिश्रा(Amitesh Kumar Mishra) ग्राम -शिवदासीपुर, पोस्ट-शहीदगाँव, जनपद-चंदौली का निवासी हूँ| हमारा उद्देश्य शीर्ष वेब पोर्टल (https://www.vckhabar.in/) के माध्यम से अपनी खबरों द्वारा जनता को सूचना देना, शि‍क्षि‍त करना, मनोरंजन करना और देश व समाज हित के प्रति जागरूक करना है। हम (https://www.vckhabar.in/) ना तो कि‍सी राजनीति‍क शरण में कार्य करते हैं और ना ही हमारे कंटेंट के लिए कि‍सी व्‍यापारि‍क/राजनीतिक संगठन से कि‍सी भी प्रकार का फंड हमें मि‍लता है। युवा पत्रकारों द्वारा शुरू कि‍ये गये इस प्रोजेक्‍ट को भवि‍ष्‍य में और भी परि‍ष्‍कृत रूप देना हमारे लक्ष्‍यों में से एक है। किसी भी प्रकार के खबर/विज्ञापन के लिए आप हमे किसी भी समय +91 9415055028,6306263872 पर काल कर सम्पर्क कर सकते हैं |

चंदौली |राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ‘टीबी हारेगा-देश जीतेगा’ अभियान 26 दिसंबर से एक महीने तक तीन चरणों में चलाया गया जिसके तहत प्रथम चरण 26 दिसम्बर से 01 जनवरी तक चलाया गया । इसमें जनपद के वृद्धाश्रम, नवोदय विद्यालय, मदरसा व रैन बसेरा में सभी स्थलों पर क्षय रोग व कोविड की जांच की गयी जिसमें कोई भी व्यक्ति टीबी व कोविड का पॉज़िटिव नहीं पाया गया |
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ डी एन मिश्रा ने बताया कि दूसरा चरण एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान 2 जनवरी से 12 जनवरी 2021 तक चलाया गया जिसमें स्वास्थ्य विभाग की 145 टीमों द्वारा 144 गांवों में घर-घर जाकर करीब चार लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई । इसमें 1918 संभावित टीबी मरीजों के बलगम की जांच करायी गई | जांच में 111 टीबी के मरीज चिन्हित किये गए जिन्हे तत्काल इलाजा मुहैया कराया गया | वहीं तीसरा चरण 13 जनवरी से 25 जनवरी तक चला, जिसमें 14 टीम द्वारा जनपद के 570 पंजीकृत निजी चिकित्सकों, प्राइवेट हॉस्पिटल, प्राईवेट नर्सिंग होम, निजी लैब, पैथालॉजी व मेडीकल स्टोर मे एसीएफ़ अभियान के तहत 7 क्षय रोगियों को नोटिफाइड किया गया | जनवरी 2021 से आज तक 357 नए क्षय मरीज उपचार पर रखे गये हैं जिन्हे डॉट्स सेंटर से भी जोड़ा गया है | साथ ही निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान हर माह 500 रुपये भी दिए जा रहे हैं | यह राशि सीधे मरीजों के खाते में भेजी जाती है । यह 500 रुपए पोषण युक्त भोजन के लिए दिये जाते हैं । उन्होने बताया कि एक मरीज की अमूमन छह महीने तक दवा चलती है और जब तक दवा चलती है तब तक मरीज को सहायता राशि दी जाती है |

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