Tuesday, January 31, 2023
अयोध्यासीएचसी में तैनात डॉक्टर पर इंजेक्शन के नाम पर पैसा वसूलने का...

सीएचसी में तैनात डॉक्टर पर इंजेक्शन के नाम पर पैसा वसूलने का लगा आरोप।

मिल्कीपुर, अयोध्या । मासूम बालिका के परिजनों ने डॉक्टर पर इंजेक्शन के नाम पर पैसा वसूलने एवं उपचार में लापरवाही का लगाया आरोप, उपचार के दौरान डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मासूम बालिका की गई जान।
प्राप्त समाचार के अनुसार मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के मजनाई पूरे हनुमंती गांव निवासी कुलदीप कुमार यादव की पांच वर्षीय पुत्री पलक अपने ननिहाल इनायतनगर आई हुई थी जहां पर पागल कुत्ते ने बीते 19 जनवरी को काट लिया था ,परिजन आनन-फानन में घायल पलक को उपचार के लिए समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर ले गए जहां पर तैनात डॉ पंकज श्रीवास्तव ने परिजनों को बताया कि इंजेक्शन का पैसा लगेगा परिजनों ने पूछा कि डॉक्टर साहब कितना पैसा लगेगा तो डॉ पंकज श्रीवास्तव ने बताया की डेढ़ डेढ़ सौ रुपए के चार इंजेक्शन लगाए जाएंगे। परिजनों ने डॉक्टर के बताए मुताबिक 600 रुपए चार इंजेक्शन का दे दिया तब जाकर डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया।
इंजेक्शन लगाने के दस दिन बाद जब पलक की तबीयत एकाएक बिगड़ना शुरू हुई तो पलक के परिजन आनन-फानन में पुन: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर ले आकर डॉ पंकज श्रीवास्तव को दिखाया तो उन्होंने कहा कि इनको जिला अस्पताल ले जाओ यहां पर कुछ नहीं हो सकता। परिजन रोते बिलखते हुए बालिका को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे जहां पर डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ भेज दिया। जहां पर इलाज के दौरान बीते 10 फरवरी को बालिका की मौत हो गई।
डॉक्टर पंकज श्रीवास्तव से जब जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि इंजेक्शन के नाम पर जो पैसे देने की बात कही गई है वह निराधार है मेरे द्वारा इंजेक्शन का कोई पैसा नहीं लिया गया है लेकिन उपचार बच्ची का जरूर मेरे द्वारा किया गया है क्योंकि बच्ची को पागल कुत्ते ने इतना बुरी तरह काट दिया था कि यदि कटे हुए स्थान पर टाका ना लगाया जाता तो ब्लड निकल जाने के बाद बच्ची की मौत हो जाती मृतका बच्ची के परिजनों द्वारा जो आरोप लगाया गया है वह गलत है इतनी जानकारी जरूर प्राप्त हुई है कि मृतका के परिजन किसी बंगाली डॉक्टर के यहां भी दवा करवा रहे थे। समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉक्टर हसन किदवाई ने बताया कि अभी तक ऐसा कोई प्रकरण हमारे सामने नहीं आया है फिलहाल जनवरी माह से ही एंटी रेबीज इंजेक्शन अस्पताल में भी नहीं मौजूद है तो कैसे डाक्टर पंकज श्रीवास्तव ने रैबीज इंजेक्शन लगाया होगा यदि कोई शिकायती पत्र मिलता है तो उसकी जांच कराई जाएगी।

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