Saturday, January 28, 2023
आज ख़ासवाहन चालकों को अब गाड़ी चलाने के लिए करवाना होगा आंखों का...

वाहन चालकों को अब गाड़ी चलाने के लिए करवाना होगा आंखों का परीक्षण

लखनऊ, उ.प्र. – परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश ने इसवर्ष नई अधिसूचनाएं जारी की है जिन्हें की राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में लागू किया जाएगा। इसके अंतर्गत वाहन चालकों को एसएमएस द्वारा यातायात के नियमों तथा वाहन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया जाएगा। साथ ही साथ जगह-जगह कैंप लगाकर वाहन चालकों की शारीरिक दक्षता का भी निशुल्क पुनः परीक्षण किया जाएगा। जिससे कि सड़कों पर होने वाले दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।

जारी सूचना के अनुसार प्रतिवर्ष जनवरी के दूसरे सप्ताह से मनाया जाने वाला राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह इस बार सड़क सुरक्षा माह के रूप में दिनांक 18 जनवरी से 17 फरवरी तक मनाया जाएगा। जिसके अंतर्गत कि वाहन चालकों तथा अन्य जनमानस को एसएमएस के द्वारा सड़क पर आने जाने के दिशा निर्देश के साथ-साथ बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही वाहन चालकों को हेलमेट तथा सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। परिवहन विभाग के अनुसार हेलमेट ना लगाने, नशे में गाड़ी चलाने, ड्राइविंग के वक्त मोबाइल फोन पर बात करने, ओवरस्पीडिंग, रांग साइड पर गाड़ी चलाने जैसे कारणों के चलते प्रतिवर्ष लगभग 22000 लोग सड़क दुर्घटना में मारे जाते हैं। जिसमें लगभग 31 फ़ीसदी लोग ऐसे हैं जो हेलमेट नहीं पहने होते हैं। ऐसे आंकड़े भविष्य में कम हो तथा सड़क पर आवागमन सुरक्षित हो, को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने इस बार टेलीकॉम कंपनियों की तरफ रुख किया है जिसमें की उनको यह निर्देश दिया गया है कि वह सड़क पर यातायात एवं आवागमन संबंधी सुरक्षा मानकों तथा नियमों के बारे में एसएमएस तथा अन्य माध्यमों द्वारा उपभोक्ताओं को सूचित करें। जिससे की आम जनमानस के बीच इन गंभीर विषयों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। क्योंकि टेलीकॉम कंपनियों की पहुंच लगभग हर घर हर नागरिक के पास है। इसलिए सूचना के प्रसारण में बहुत ही आसानी होगी। साथ ही साथ यह त्वरित गति से सबके पास प्रेषित किया जा सकता है।

इसके साथ ही राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों तथा राज्य मार्गों पर चलने वाले व्यवसायिक, सामान्य तथा निजी चार पहिया वाहन चालकों की आंखो का परिक्षण किया जाएगा। जिसके लिए जनपदीय स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके की वाहन चालक की दृष्टि गाड़ी चलाने के लिए उपयुक्त है। क्योंकि ऐसा अक्सर होता है कि समय बीतने के साथ-साथ कुछ वाहन चालकों को आंखों की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इन सब बातों को नजरअंदाज कर वह गाड़ी चलाते हैं। जोकि बड़ी दुर्घटनाओं का कारण हो सकता है।

 

 

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