Friday, December 2, 2022
उत्तर प्रदेशजौनपुर20 वर्ष से फरार हत्यारा गिरफ्तार,बहुचर्चित बल्लर सिंह तिहरा हत्याकांड में था...

20 वर्ष से फरार हत्यारा गिरफ्तार,बहुचर्चित बल्लर सिंह तिहरा हत्याकांड में था शामिल

जौनपुर। शाहगंज थाना क्षेत्र के सिधाई गांव में तीन दशक पूर्व हुए बहुचर्चित बल्लर सिंह तिहरा हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए मुजरिमों में से एक 20 वर्ष से फरार चल रहे इंद्र प्रकाश यादव को यूपी एसटीएफ ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। रात में शाहगंज थाने लाने के बाद करीब 11 बजे अचानक उसकी तबियत खराब हो गई। आनन-फानन में पुलिस उपचार के लिए पुरुष चिकित्सालय लाई, जहां हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल पुलिस ने नगर के अयोध्या मार्ग स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया है। एक मुजरिम केशव यादव अभी भी पकड़ से दूर है।
13 दिसंबर 1990 की शाम हथियारों, बम व असलहों से लैस हमलावर सोंधी (शाहगंज) विकास खंड के पूर्व प्रमुख दीप नारायण सिंह उर्फ बल्लर सिंह के सिधाई गांव स्थित घर पर धमक पड़े थे। कोई कुछ समझता इससे पहले ही हमलावरों ने बम मारकर व ताबड़तोड़ फायरिग कर बल्लर सिंह, उनके पुत्र राममूर्ति सिंह उर्फ नन्हू सिंह व घर आए युवक हेमंत बनर्जी की हत्या कर दी। बदमाश मौके से एक व दो नाली बंदूक लूट ले गए थे। हमले में तेज बहादुर सिंह की बहन माधुरी सिंह, पौत्र मनीष सिंह, पौत्री अरुणा व राजेंद्र कुमारी घायल हो गई थीं।

इस बहुचर्चित व सनसनीखेज तिहरा हत्याकांड में क्षेत्र के बद्दोपुर गांव निवासी कालिका यादव व उनके भाइयों इंद्र प्रकाश यादव, केशव प्रकाश यादव और पुत्र पारस यादव के साथ ही 15-16 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एडीजे (प्रथम) ने 20 जनवरी 2001 को आरोपितों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मुजरिमों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। बाद में जमानत निरस्त हुई तो इंद्र प्रकाश व केशव प्रकाश फरार हो गए। दोनों पर पुलिस ने दस-दस हजार रुपये का इनाम रख दिया। शनिवार को एसटीएफ ने दीदारगंज स्थित पेट्रोल पंप के पास से इंद्र प्रकाश को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए शाहगंज कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। रात करीब 11 बजे उसकी हालत बिगड़ गई। पुलिस तुरंत राजकीय पुरुष चिकित्सालय ले गई। जिला अस्पताल रेफर किए जाने पर नगर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बच्चों का विवाद बना था घटना का कारण अस्सी के दशक तक तीन बार सोंधी (शाहगंज) ब्लाक के प्रमुख रहे दीप नारायण सिंह उर्फ बल्लर सिंह की गिनती उस समय जिले के बड़े रसूखदारों में होती थी। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष तेज बहादुर सिंह के पिता दीप नारायण सिंह का इलाके में खासा दबदबा था। तेज बहादुर सिंह के पुत्र पेशे से अधिवक्ता मनीष कुमार सिंह उस समय सेंट थामस इंटर कालेज में पढ़ रहे थे। कालेज में सहपाठी हरि यादव पुत्र कालिका यादव से मनीष का विवाद इस दहला देने वाले तिहरा हत्याकांड का कारण बना था।

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