Wednesday, July 6, 2022
उत्तर प्रदेशबलिया : भारतीय पत्रकार संघ की रसड़ा तहसील इकाई का हुआ विस्तार,...

बलिया : भारतीय पत्रकार संघ की रसड़ा तहसील इकाई का हुआ विस्तार, जुड़े नए चेहरे ।

संवाददाता- आदित्य कुमार (बलिया)

बलिया । संगठन के विस्तार के निमित्त बुधवार को आयोजित एक बैठक में भारतीय पत्रकार संघ तहसील इकाई रसड़ा में नए पत्रकारों को जोड़ उन्हे जिम्मेदारीयां जिला अध्यक्ष संजय पाण्डेय की अध्यक्षता में प्रदान की गयीं । जिला अध्यक्ष ने पत्रकारों को समाज का आईना बनकर निष्पक्ष पत्रकारिता करने के निर्देश दिये । श्री पाण्डेय ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है। पत्रकार जो भी जानकारी खबरों के रूप में साझा करे समाज आँखे बंद कर उसपर विश्वास करता है । इसलिए एक पत्रकार को हमेशा निष्पक्ष होना चाहिए। हालांकि निष्पक्ष पत्रकारिता के पथ पर आए दिन तमाम तरह की बाधाएं आती रहती हैं। किन्तु एक पत्रकार को बाधाओं से विचलित न होकर निर्भीक व निष्पक्ष पत्रकारिता के पथ पर आगे बढ़ते रहना चाहिए। कहा कि जब हम किसी श्रेष्ठ काम को निकलते हैं तो कई बाए हमे ऐसा भी प्रतीत होता है कि सभी हमारे बिपरीत है, और हम स्वयं को अकेला पाते हैं। ऐसे समय में विचलित न होकर अकेले श्रेष्ठ पथ पर आगे बढ़ते रहना चाहिए । सफलता एक न दिन अवश्य प्राप्त होगी । न हो साथ कोई अकेले बढ़ो तुम सफलता तुम्हारे चरण चूम लेगी । गीत की पंक्तियाँ गुनगुनाते हुए जिलाध्यक्ष ने पत्रकारों का उत्साहवर्धन किया।
बैठक में पत्रकार उमाकांत विश्वकर्मा को संरक्षक व अख्तर जमील को संगठन मंत्री बनाया गया है। वहीं तहसील अध्यक्ष रवि आर्य ने कहा कि भारतीय पत्रकार संघ पत्रकारों के हक में सदैव लड़ाई लड़ता रहा है और लड़ता रहेगा। पत्रकार व पत्रकारिता पर विचार भी हुआ । आर्य ने कहा कि शिक्षा के प्रसार के कारण समाचारपत्रों की प्रसार-मात्रा भी बढ़ती जा रही है । परिणामस्वरूप समाचार जगत में नित नए समाचारपत्र, दैनिक, सप्ताहिक पत्र-पत्रिकाओं की वृद्धि होती जा रही है । प्रजातांत्रिक शासन व्यवस्था में प्रेस चौथी शक्ति के रूप में प्रसिद्ध है । इन चारों शक्ति-स्तम्भों पर ही शासन टिका है ।
संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका प्रजातंत्र की अन्य शक्तियां है । प्रजातंत्र जनता के लिए जनता द्वारा निर्मित शासन व्यवस्था है । इसमें शासन और सरकार का आधार जनता होती है । शासन के कार्यो पर जनता के सहयोग के सिद्धांत पर प्रजातंत्र आधारित होता है । इस प्रकार प्रजातंत्रीय शासन के चारों शक्ति-स्तम्भ न केवल परस्पर संबद्ध होते हैं, बल्कि प्रजातंत्र की मुख्य शक्ति जनता के प्रति समान रूप से जिम्मेदार भी होते हैं ।
यह प्रजातंत्र की सफलता में प्रेस की सशक्त भूमिका की ओर इंगित करता है । समाचारपत्र का सबसे प्रमुख कार्य विश्व में घटित हो रही प्रत्येक घटना से हमें अवगत कराना है । समाचारपत्र राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, धार्मिक और अन्य धार्मिक और अन्य विभिन्न विषयों पर अपने दृष्टिकोण तथा विचारों को अभिव्यक्त करते है । इसमें कोई आश्चर्य नही है कि लोकमत काफी हद तक समाचारपत्र की गुणवत्ता और उसे चलाने वाले पत्रकारों की कुशलता और एकता पर निर्भर करता है ।
जनमत को तैयार करने के अतिरिक्त प्रेस, सरकार और जनता के बीच की कड़ी के रूप मैं कार्य करता है । सरकार अन्तत: जनता के सामने जवाबदेह होती है । देश में हो रहे दिन-प्रति-दिन के विकास कार्यो, दीर्घ और लघु योजनाओं की जानकारी जनता को देना सरकार का कर्तव्य ही नहीं उसके सत्ता में रहने के लिए आवश्यक भी है । सरकार की सफलता आम जनता के साथ उसके संबंध और संबंधों के कायम रखने के लिए नीतियों कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर आधारित होती है । इस मौके पर तनवीर अहमद ,आदित्य सोनी,भगवान उपाध्याय, नियाज़ अहमद, आशीष सिंह बिसेन के साथ अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

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