Wednesday, July 6, 2022
उत्तर प्रदेशचंदौलीजिले को मिली 280 ऑक्सीमीटर की सौगात

जिले को मिली 280 ऑक्सीमीटर की सौगात

Amitesh Kumar Mishra
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को मिली 280 ऑक्सीमीटर की सौगात
सीएचसी व पीएचसी द्वारा मरीजों को दी जायेगी जानकारी, मिलेगी हर सुविधा – जिलाधिकारी
चंदौली – 06 जून 2021 |
जिलाधिकारी संजीव सिंह ने बताया – जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कोविड मरीजों के इलाज के लिए नई दिल्ली ट्रान्स्फ़ोर्म रुरल इंडिया फ़ाउंडेशन (टीआरआईएफ) संस्था द्वारा 280 ऑक्सिमीटर और एक मशीन (मिनी वैंटिलेटर) कोविड मरीजों की सेवा के लिए सहयोग किया गया है | उन्होने कहा – जिले के ग्रामीण अंचल क्षेत्रों कोरोना वायरस फैल रहा है । स्थिति को देखते हुए कम लक्षण वाले कोरोना मरीजों को कुछ शर्तों के साथ घर में ही इलाज कराने की मंजूरी दी गयी है | सीएचसी वी पीएचसी द्वारा जनसमुदाय को जागरूक किया जा रहा है, उन्हें हर सुविधा प्रदान की जाएगी।
संस्था के निदेशक गौरव मिश्रा ने बताया – कोविड नियंत्रण में स्थानीय संस्थाएं स्वास्थ्य विभाग की मदद कर रही है, जिसका उद्देश्य कोविड प्रभावित ग्रामीणों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान किया जाना है। यह संस्था राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की तकनीकि सहयोगी संस्था है। सभी ऑक्सीमीटर को सीएचसी व पीएचसी के माध्यम से मरीजों को इसके प्रयोग की जानकारी देने के उपरांत दी जाएगी| इससे पहले संस्था द्वारा बहराइच जिले में भी ऑक्सीमीटर दिया गया है।
कोविड नोडल अधिकारी डॉ डी के सिंह ने बताया – कोरोना के मरीजों के लिए खतरा तब बढ़ता है, जब उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। होम क्वारंटाइन वाले मरीजों को ऑक्सीमीटर देने कि सुविधा उपलब्ध होने से, जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत आए, उन्हें तुरंत ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके।
डॉ डी के सिंह ने बताया – पल्स ऑक्सीमीटर एक छोटी सी डिवाइस मशीन होती है, जो मरीज की उंगली में फंसाई जाती है। इसकी मदद से उसकी नब्ज और खून में ऑक्सीजन की मात्रा का पता चलता है। इसके जरिए मरीज का ऑक्सीजन लेवल चेक किया जाता है। मरीज की अंगुली में पल्स ऑक्सीमीटर का बटन दबा दें | लगभग 30 सेंकेंड तक रीडिंग काँटा स्थिर होने तक | अगर ऑक्सीजन स्तर 95 तक है तो मरीज को घबराने कि जरूरत नहीं है | अगर ऑक्सीमीटर में मरीज कि ऑक्सीज़न का स्तर 94 या 92 के बीच बताता है तो देर न करते हुए डॉक्टर से संपर्क करें |
जिन मरीजों में संक्रमण का प्रभाव अधिक होता है, उनके लिए वेंटिलेटर वह आखिरी मौका हो सकता है जो उनकी जिंदगी बचा सकेगा। वेंटिलेटर वह मशीन होती है जो शरीर की सांस लेने की प्रक्रिया को उस समय नियंत्रण में लेती है जब महामारी की वजह से फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं या असफल रहते हैं। वेंटिलेटर की वजह से मरीज संक्रमण का सामना कर सकता है और ठीक हो सकता है। अलग-अलग मरीजों के लिए अलग-अलग प्रकार के मेडीकल वेंटिलेटर का प्रयोग किया जा सकता है।

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