Monday, October 3, 2022
ब्रेकिंगसमाज में परेशान लोगों की मदद के लिए वकालत को बनाया माध्यम

समाज में परेशान लोगों की मदद के लिए वकालत को बनाया माध्यम

पढ़ाई की मुख्यधारा से दूर बच्चों व उनके अभिभावकों को कर रहीं हैं जागरूक
ऐडवोकेट शाइनी रहमान का प्रयास ला रहा है रंग

सामाजिक मूल्यों को लेकर संघर्षरत ऐडवोकेट शेख शाइनी रहमान ने विभिन्न उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की मदद , पढ़ाई की मुख्यधारा से दूर बच्चों व उनके अभिभावकों को जागरुक करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, बिना दहेज़ के शादी करने के साथ ही बच्चियों के आत्मबल को मजबूत बनाने के लिए अभियान चला रहीं हैं साथ ही इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लिया है ।

इस कार्य को लेकर गली मोहल्लों व गांवों में जाकर काम कर रही हैं बच्चियों को इकठ्ठा कर उन्हें अपने आत्मबलको मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर होने के लिए प्रेरित करती रहती हैं। वर्ष 2016 में ही हंसूराय वेलफेयर ट्रस्ट से जुड़ी और सामाजिक सरोकार के कामों में लग गईं । ऐडवोकेट शेख शाइनी रहमान ने अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए लखनऊ से बच्चों का निःशुल्क पाठशाला शुरु किया ।

लखनऊ के अलीगंज सेक्टर डी और सीतापुर रोड प्रियदर्शिनी कॉलोनी के आस पास झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे बच्चों को इकट्ठा कर उनकी और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग की । वर्ष 2016 से 2018 के बीच लगभग दो दर्जन बच्चों को निःशुल्क पढ़ाकर मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया साथ ही उनके अभिभावकों को जागरुक किया । इसी बीच इन्होंने राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई शुरु की । लॉ की पढ़ाई के साथ साथ सामाजिक सरोकार का भी काम करती रहीं। घर की जिम्मेदारी के साथ ही पढ़ाई भी पूरी करनी थी और इन दोनों काम के साथ साथ सामाजिक कामों को भी पूरा करना था ।

इन कामों को करते हुए इन्होने हिम्मत नहीं हारी और लगातार अपने उद्देश्यों के प्रति ईमानदारी पूर्वक लगी रही । कोरोना के समय ये अपने परिवार के साथ बनारस आकर रहने लगी । धीरे धीरे यहां भी महिलाओं के बीच में जाकर जागरुक करना शुरु किया । बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करने लगीं। लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद वाराणसी कचहरी परिसर स्थित आशीर्वाद चेंबर से प्रैक्टिस शुरु की । नई जिम्मेदारी में भी परेशान लोगों को न्याय दिलाना शुरु किया। लोहता थाना क्षेत्र की एक महिला को उनके परिवार के लालची लोगों ने बंधक बनाकर रखा था, उन लोगों से उक्त महिला को मुक्त कराया और उसे भी जीने का अधिकार दिलाया ।

वर्तमान समय में कचहरी के कामों से खाली होकर अपने आशीर्वाद चेंबर में ही निशुल्क पाठशाला शुरूकर स्कूल न जाने वाले गरीब परिवार के बच्चों की काउंसलिंग करके उन्हें पढ़ाई की मुख्यधारा से जोड़ने का काम शुरू कर दिया है।इनके कार्यों को देखते हुए पिछले दिनों केरल के राज्यपाल ने स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया । इस कार्य में बच्चों को ऐडवोकेट रजतकांत सिंह , ऋषिकांत सिंह , कमलेश कुशवाहा , विशाल सिंह , अजय कुमार प्रजापति , सर्वजीत सिंह व आशीष मुंशी आदि ने पेंसिल , रबर , कॉपी ,किताब आदि बांटकर सहयोग दिया।

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