
नोनहरा (गाजीपुर) : नोनहरा थाना क्षेत्र के पारा गांव में शनिवार की रात गाली-गलौज को लेकर हुए मामूली विवाद ने रविवार सुबह बड़ा रूप ले लिया। टेंट हाउस संचालक हसन और बड़ौरा में पेट्रोल पंप चलाने वाले मुस्ताक के घर के सामने दोनों पक्षों के बीच बहस के बाद हालात बिगड़ गए। आरोप है कि रात में मुस्ताक के बेटे के समर्थन में गौसपुर बुजुर्गा के तीन युवक—सैय्यद अब्दुल्ला, यासिर और अब्दुल्ला उमर—गांव पहुंचे थे। सुबह विवाद दोबारा भड़कने पर इन बाहरी युवकों को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।
ग्रामीणों ने तीनों को मुस्ताक के घर से बाहर निकालकर लाठी-डंडों से जमकर पीटा और खंभे से बांध दिया। मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें छुड़ाने का प्रयास करती रही, लेकिन ग्रामीण पुलिस के सामने भी उनकी पिटाई करते रहे। काफी प्रयास के बाद पुलिस तीनों को किसी तरह गाड़ी में बैठाकर थाने ले जा सकी। उधर, मारपीट में हसन के पुत्र पप्पू और नवल भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पप्पू की हालत नाजुक होने पर उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया।
हालात बिगड़ते देख कासिमाबाद, नोनहरा, जंगीपुर और बिरनो थाने की पुलिस फोर्स पारा गांव में पहुंची। एसडीएम सदर रविश गुप्ता और सीओ कासिमाबाद के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। उग्र भीड़ ने लखनऊ नंबर की एक स्कार्पियो और स्विफ्ट कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
घायल तीनों युवक पढ़ने वाले छात्र बताए जाते हैं। अब्दुल्ला उमर लखनऊ में बी-टेक, सैय्यद अब्दुल्ला ला और यासिर इंटरमीडिएट का छात्र है।
एएसपी देहात अतुल सोनकर ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और घटना में शामिल सभी लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।








