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CM YOGI : सीएम योगी का अधिकारियों को दो टूक, राजस्व मामले में पड़ेगी तारीख पर तारीख तो नपेंगे जिलाधिकारी और कमिश्नर

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गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों व पुलिस कप्तान से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फील्ड में तैनाती जनसेवा का सबसे अच्छा अवसर होता है. यहां हर एक तैनाती मेरिट के आधार पर ही होनी चाहिए. यदि कहीं भी सिफारिश अथवा किसी के दबाव में किसी की फील्ड पोस्टिंग की गई है, तो ऐसा करना संबंधित अधिकारी के लिए अपने कॅरियर से खिलवाड़ करने जैसा है. ऐसे हर प्रकरण को गंभीरता से लिया जाएगा. हाल के दिनों में जनता दर्शन में प्राप्त आवेदकों के बारे में जानकारी देते हुए और आइजीआरएस में प्रदर्शन की रिपोर्ट जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता के लिए तैनात हैं, जनता से मिलना और उनकी समस्याओं का निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए. फील्ड में तैनात जो अधिकारी-कर्मचारी ऐसा कर पाने में सक्षम न हो उसे तत्काल फील्ड की तैनाती छोड़ देनी चाहिए.

आगामी दिनों में शारदीय नवरात्र, दुर्गा पूजा, विजयादशमी, दशहरा,  दीपावली, छठ आदि पर्व त्योहारों को हर्ष, उल्लास और सौहार्द के साथ मनाए जाने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीट सिपाही से लेकर हल्का इंचार्ज और पुलिस कप्तान सहित हर अधिकारी सड़क पर उतरे. त्योहार के दिनों में कुछ अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं. ऐसे में पुलिस को अलर्ट रहना होगा. आम आदमी को उसकी सुनिश्चित सुरक्षा के लिए पूरा भरोसा दिलाना होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्षों में नियोजित प्रयासों से धर्मस्थलों पर अनावश्यक लगे लाउडस्पीकर उतारे गए थे, किंतु कतिपय क्षेत्रों से इनके पुनः लगने की सूचना मिल रही है. इसी तरह, त्योहार में अश्लील गीतों और कानफोड़ू डीजे संगीत से भी आम आदमी को समस्या होती है. ऐसी किसी भी गतिविधि को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइ का उल्लंघन कर होने वाली ऐसी गतिविधियों पर सम्बंधित पुलिस कप्तान की जवाबदेही तय की जाएगी.

इस बैठक में मुख्यमंत्री ने बलरामपुर, सहारनपुर, सीतापुर और मीरजापुर जैसे शक्तिपीठ वाले जनपदों में नवरात्र मेले की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट ली और श्रद्धालुओं के हित में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों पर हर गांव-नगर को पर्याप्त बिजली मिलनी चाहिए. लोकल फाल्ट/रोस्टरिंग के नाम पर अनावश्यक कटौती न हो. वहीं दुर्गापंडालों में फायर सेफ्टी के निर्देश देते हुए उन्होंने पटाखों की दुकानों को आबादी से दूर लगाए जाने और इन दुकानों के लाइसेंस निर्गत करने में देर न करने के निर्देश भी दिए.

मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आगामी 14 अक्टूबर से मिशन शक्ति का चौथा चरण प्रारंभ हो रहा है. मिशन शक्ति के विशेष अभियान (फेज-04) के दौरान प्रदेश भर के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों को साथ में जोड़ते हुए उनके द्वारा जनजागरूकता की प्रभात फेरियाँ निकाली जाए. जन जागरुकता अभियान के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाए. मिशन शक्ति अभियान से जुड़े सभी विभागों द्वारा आगामी 14 और 15 अक्टूबर को जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए.

उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत व वार्ड में सप्ताह में एक दिन कार्यक्रम आयोजित किया जाए, जिसमें वीट पुलिस अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, बीसी सखी, लेखपाल, एएनएम, आशा वर्कर, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार सेवक आदि की निर्धारित दिन को उनकी उपस्थिति उस ग्राम/न्याय पंचायत व वार्ड में सुनिश्चित की जाये. आयोजन में ग्राम प्रधानों/ सभासदों से भी समन्वय कर आवश्यक सहयोग लिया जाये. 

प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में लोगों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराते हुए योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आ रही समस्याओं का निराकरण कर कार्य को आगे बढ़ाया जाए. कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से आवेदन प्राप्त कर उनका पंजीयन करते हुए उन्हें कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए. महिला सशक्तिकरण जन जागरण के ये कार्यक्रम प्रदेश के समस्त 14 हजार वार्ड व 57,705 ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किये जाएंगे. इन कार्यक्रमों में निम्नानुसार महिला सुरक्षा, महिला केन्द्रित विभिन्न सरकारी योजनाओं व हेल्पलाइन / फोरम के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करते हुए मौके पर समस्याओं का निस्तारण भी किया जाए.

इजरायल फिलिस्तीन विवाद पर उन्मादी बयान दिया तो होगी कार्रवाई

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों वैश्विक स्तर पर चल रहे इजरायल-फिलिस्तीन विवाद का भी जिक्र किया। पुलिस अधिकारियों को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि सभी पुलिस कप्तान अपने क्षेत्र में धर्मगुरुओं से तत्काल संवाद करें. इस प्रकरण में भारत सरकार के विचारों के विपरीत किसी तरह की गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी. सोशल मीडिया हो अथवा धर्मस्थल कहीं से भी किसी भी प्रकार का उन्मादी बयान/वक्तव्य जारी न हो. यदि किसी के द्वारा ऐसा करने का कुत्सित प्रयास हो, तो तत्परता के साथ उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए.

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