Home उत्तर प्रदेश चंदौली Chandauli news : पूर्व विधायक मनोज गंगा कटान मुक्ति जनसंपर्क यात्रा जारी, कहा – पूंजीपतियों का कर्ज माफ हो सकता है तो कटान प्रभावितों को मुआवजा भी मिलेगा

Chandauli news : पूर्व विधायक मनोज गंगा कटान मुक्ति जनसंपर्क यात्रा जारी, कहा – पूंजीपतियों का कर्ज माफ हो सकता है तो कटान प्रभावितों को मुआवजा भी मिलेगा

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Chandauli news : पूर्व विधायक मनोज गंगा कटान मुक्ति जनसंपर्क यात्रा जारी, कहा – पूंजीपतियों का कर्ज माफ हो सकता है तो कटान प्रभावितों को मुआवजा भी मिलेगा

Chandauli news : सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डबलू रविवार को गंगा कटान मुक्ति यात्रा लेकर टांडा गांव से निकले. इस दौरान उन्होंने आधा दर्जन से अधिक गांवों का भ्रमण कर जनता से संवाद स्थापित किया. साथ ही उनकी समस्याओं को बिंदुवार सुना. भरोसा दिया कि आगामी दिनों में बनी नई सरकार में हिस्सेदारी मिली तो गंगा कटान से मुक्ति दिलाएंगे. साथ ही मुआवजा और जमीन दिलाने का भी काम करेंगे. इसके अलावा जिनके मकान गंगा कटान की जद में आएं हैं उन्हें मकान भी दिलाने का काम होगा.

इस दौरान बिस्सूपुर में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग मोदी और योगी के नाम वोट मांगने का काम करते हैं. उनके पास गिनाने के लिए अपना खुद का कोई काम नहीं है उसे वह अपनी उपलब्धि बता सके. गंगा कटान को लेकर संघर्ष किया. पदयात्रा निकली और विधायक बना. इसके बाद यूपी विधानसभा में कई बार गंगा कटान के मुद्दे को उठाने का काम किया. यहां तक कि तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल से मिलकर गंगा कटान से निजात दिलाने की बात कही. लेकिन इन प्रयासों में चंदौली के कटान का जिक्र करना भूल गया, जिससे समस्या का समाधान नहीं हो सका. इस बात का सबसे ज्यादा दुख मुझे है. 

उन्होंने कहा कि आज भाजपा के लोग सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं. जनता के हित में काम करने की बजाय प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं. कहा कि बिस्सूपुर का रकबा एक समय 750 बीघा हुआ करता था, लेकिन आज कटान में 250 बीघा जमीन कटान की भेंट चढ़ गई. जिस काश्तकार के पास 7 बीघा जमीन हुआ करती थी, आज उनके पास मात्र 1 बीघा जमीन बची है. 

पूर्व विधायक ने कहा कि चंदौली में 73 गांव कटान की चपेट हैं जिन्हें आज कटान से मुक्ति चाहिए और इसी मांग को लेकर महुजी से बहादुरपुर पड़ाव तक यात्रा निकाली जा रही है. सरकार इन गांवों में कटान से हुए नुकसान के मूल्यांकन के लिए एक कमेटी गठित करे जो नुकसान का मूल्यांकन कर मुआवजा और अन्य सरकारी मदद पीड़ितों तक पहुंचना सुनिश्चित करे. कहा कि सरकार पूंजीपतियों का लाखों करोड़ माफ कर सकती है तो रेवड़ी के रूप में गंगा कटान पीड़ितों का मुआवजा, जमीन और मकान की मांग को भी पूरा कर सकती है.

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