चंदौली। धानापुर विकासखंड के ग्राम शिवदासीपुर में जल जीवन मिशन के तहत कार्य कर रही कंपनी पर ग्रामीणों ने गंभीर लापरवाही और मनमानी के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन कई स्थानों पर महीनों से क्षतिग्रस्त है, जिससे लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में दोबारा शिकायत करने पर कंपनी की ओर से धूप न होने और पाइपलाइन में लीकेज होने की बात कही गई।
“सप्लाई शुरू होने से पहले ही फटने लगी पाइपलाइन!
ग्रामीणों के अनुसार, कई स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त और लीकेज की स्थिति में है। हैरानी की बात यह है कि कई घरों में अभी तक नियमित जलापूर्ति शुरू भी नहीं हुई, लेकिन पाइप पहले ही फटने और क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। मौके पर मौजूद तस्वीरों में भी सर्विस पाइप बीच से कटा/फटा दिखाई दे रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, जब कंपनी के जिम्मेदार लोगों से पूछा गया कि पाइपलाइन लीकेज की शिकायत तो महीनों पहले से की जा रही है, फिर अब तक उसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई, तो ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें संतोषजनक उत्तर देने के बजाय टालमटोल वाला जवाब दिया गया।
ऑपरेटर तैनात मगर जलापूर्ति नहीं!
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ऑपरेटर तैनात होने के बावजूद कई घरों तक नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। शिकायत करने पर ऑपरेटर द्वारा अभद्र व्यवहार और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किए जाने का भी मामला सामने आया है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
“ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पानी नहीं पहुंच रहा, फिर भी ऑपरेटर तैनात है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब जलापूर्ति ही नहीं हो रही, तो ऑपरेटर की जिम्मेदारी क्या है और उसकी तैनाती का औचित्य क्या है?”
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जल निगम तथा संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पाइपलाइन की गुणवत्ता की जांच, जलापूर्ति व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने और शिकायतों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस दौरान शिकायत कर्ताओं में मुख्य रूप से प्रदीप मिश्रा, रोहित तिवारी, कपिलदेव मिश्रा,प्रदीप तिवारी,आनंद तिवारी,राकेश तिवारी,सतीश मिश्रा मौजूद रहे ।

