भांवरकोल (गाजीपुर)। मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र के भांवरकोल ब्लॉक अंतर्गत रेवसड़ा–बसनिया मार्ग आज बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसे देखकर विकास के तमाम दावे खोखले नजर आते हैं। कभी लोगों की जीवनरेखा रही यह सड़क अब गहरे गड्ढों, कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो चुकी है। बरसात के मौसम में यह मार्ग किसी दलदल से कम नहीं दिखता। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके की बदहाली ने पूरे क्षेत्र को मानो विकास से काटकर एक पिछड़े इलाके में बदल दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह मार्ग ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, गोड़ऊर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तहसील मुख्यालय मुहम्मदाबाद, करीमुद्दीनपुर, बक्सर रेलवे स्टेशन और गाजीपुर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। कई निजी स्कूलों के वाहन इस मार्ग पर आने से कतराने लगे हैं। छोटे-छोटे बच्चे कीचड़ और गड्ढों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ेगा और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में भी भारी दिक्कत होती है। कई बार एंबुलेंस समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
किसानों और पशुपालकों की स्थिति भी चिंताजनक है। दुग्ध डेयरियों के वाहन गांव तक नहीं पहुंच रहे, जिससे दूध समय पर बाजार नहीं जा पा रहा। किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने में भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में आय दोगुनी करने के दावे ग्रामीणों के लिए मजाक बनकर रह गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण रिश्ते तक प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवारों का दावा है कि इस इलाके की बदहाल सड़क देखकर लोग शादी के रिश्ते करने से भी हिचक रहे हैं।
स्थिति इतनी खराब है कि डाक विभाग के कर्मचारी भी गांव तक अखबार और डाक पहुंचाने से कतराने लगे हैं। कई गांवों में अखबार समय से नहीं पहुंचता, जिससे लोग सूचनाओं से भी वंचित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके।
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