भांवरकोल/गाजीपुर। पितृपक्ष में पितरों के तर्पण एवं पिंडदान के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों से श्रद्धालुओं के गया रवाना होने का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्राम सभा भदौरा से आशीष कुशवाहा के चाचा सुरेंद्र कुशवाहा भी गया के लिए रवाना हुए। इस दौरान ग्रामीणों की उपस्थिति रही।
परंपरा के अनुसार श्रद्धालु गांव के देवी-देवताओं का दर्शन कर पूरे गांव का भ्रमण करते हुए पितरों का आह्वान करते हैं और गया में पिंडदान के लिए चलने का निमंत्रण देते हैं। श्रद्धालु 25 सितंबर को वाराणसी पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे और 26 सितंबर को पिशाचमोचन कुंड में पिंडदान के बाद गया के लिए रवाना होंगे।
गया में फल्गु नदी के तट पर पिंडदान एवं श्राद्ध कर्म संपन्न करने के बाद श्रद्धालु पितरों का आशीर्वाद लेकर लौटेंगे। इस अवसर पर अरुण राजभर, परमा राजभर, डॉक्टर मनोज सिंह, शिवनाथ कुशवाहा सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
