गाजीपुर। महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र की पहल से आपसी मतभेद के कारण अलग रह रहे दो दंपतियों के विवाद का समाधान कराया गया। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से उनके गिले-शिकवे दूर कराए गए। इसके बाद दोनों दंपती राजी-खुशी साथ रहने के लिए तैयार हो गए और उनकी सकुशल विदाई कराई गई।
महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र में गुरुवार को पति-पत्नी के विवाद से संबंधित कुल 12 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें लंबे समय से विवाद चल रहे दो मामलों में दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराई गई। दोनों पक्ष बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से साथ रहने को राजी हुए। इसके बाद दोनों मामलों की पत्रावलियां बंद कर दी गईं।
वहीं, दो अन्य प्रकरणों में भी काउंसलिंग के दौरान पक्षकारों को विधिक सुझाव दिए गए, जिसके बाद पत्रावलियां बंद कर दी गईं। शेष मामलों में अभी आपसी सहमति नहीं बन पाने के कारण अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है।
परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल का उद्देश्य पति-पत्नी के बीच उत्पन्न विवादों को बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से दूर कर परिवारों को टूटने से बचाना है। केंद्र के प्रयास से साथ रहने को राजी हुए दंपतियों ने आपसी मतभेद दूर कराने में सहयोग के लिए टीम का आभार जताया।
प्रकरणों के निस्तारण में काउंसलर कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सोनाली, संध्या, सविता और आरक्षी शिवशंकर यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।

