Ghazipur news: भांवरकोल के फखनपुरा में स्वच्छता मिशन फेल, गंदगी और जलजमाव से ग्रामीणों की सेहत पर खतरा

भांवरकोल(गाजीपुर) सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन का सपना पूरा नहीं कर पा रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण ग्राम पंचायत फखनपुरा में देखा जा सकता है। मुस्लिम बहुल आबादी वाले इस ग्राम पंचायत की शायद ही कोई गली हो जिसमें गंदगी दिखाई न दे । गांव के अंदर कहीं कहीं तो कूड़े का अंबार लगा हुआ है भले ही यह कूड़े का अंबार किसी की निजी जमीन में हो लेकिन गांव में गंदगी फैलाने में इनका योगदान तो है ही। सबसे खराब स्थिति तो इस गांव की अनुसूचित जाति बस्ती की है जहां गलियो में पड़े बिजली के खंभे तथा कुछ ईंट रखकर आवागमन करने को मजबूर हैं या यूं कहें कि इस बस्ती में सती स्थान के पास जल निकासी की व्यवस्था न होने से गोविंद राम,लालबचन राम,रमेश राम परमेश्वर राम सहित कुछ लोगों का घर के पास गली में सड़ रहे नाबदानों का गंदा पानी व कीचड़ से आने वाली दुर्गंध तथा बीमारियों की संभावना के बीच नारकीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। गंदगी के के कारण गलियों से होकर आवागमन करना तो कठिन है ही, बीमारियों के फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा गांव को राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के किनारे गांव के उत्तरी छोर पर बसे अशोक वनवासी के घर और सीसी निर्मित मार्ग के बीच इकट्ठा हो रहे नाबदानों का गंदा पानी और कीचड़ से भी बीमारी की संभावना बनी हुई है। गांव में गंदगी का मूल कारण गांव की गड़हियों पर अतिक्रमण होना या उनकी साफ सफाई न किया जाना है। यहां यह भी बताना गलत नहीं होगा की वर्षों पूर्व इस गांव में कालाजार से कई लोग अपनी जान भी गवा चुके हैं। पंचायती राजविभाग तथा राजस्व विभाग के सार्थक प्रयास से ही इस गांव को इस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सकता है ।















