गाजीपुर। गाजीपुर में हत्या कर शव गंगा नदी में फेंकने की घटना का थाना कोतवाली पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए एक अभियुक्त और एक अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार घटना में शामिल दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है।
पुलिस के मुताबिक दिनांक 11 फरवरी 2026 को वादी धर्मदेव सिंह यादव पुत्र स्व. रामजनम सिंह यादव निवासी बारहबंगला द्वारा अपने पुत्र मनोहर सिंह यादव (34 वर्ष) के अपहरण की सूचना थाना कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। विवेचना के दौरान एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा नदी से शव बरामद हुआ, जिसकी शिनाख्त मनोहर सिंह यादव के रूप में हुई। इसके बाद मुकदमे में हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं।
जांच में पुलिस ने दीपा सिंह और परीक्षित सिंह निवासी ग्राम मेदनीपुर थाना सुहवल को नामजद किया। दोनों को 14 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में अभियुक्त परीक्षित सिंह ने बताया कि उसकी बहन दीपा सिंह और मृतक कॉलेज के समय से परिचित थे। दीपा सिंह State Bank of India की मऊ शाखा में कार्यरत है। आरोप है कि मनोहर सिंह यादव ने करीब ढाई लाख रुपये उधार लिए थे, जिन्हें वापस नहीं कर रहा था और विवाद बढ़ने पर बदनाम करने की धमकी दे रहा था।
घटना के दिन मनोहर सिंह यादव ने दीपा सिंह को मिलने के लिए बुलाया। योजना के तहत उसे रौजा तिराहा से लेकर गंगा नदी रेलवे पुल के नीचे ले जाया गया, जहां दोनों आरोपियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव नदी में फेंक दिया। घटना को छिपाने के लिए बाइक की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाकर हेलमेट, चाबी और मोबाइल भी नदी में फेंक दिए गए।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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