मुहम्मदाबाद तहसील में कथित भ्रष्टाचार, नामांतरण (खारिज-दाखिल) मामलों में अनियमितता तथा राजस्व अभिलेखों से कथित छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन ने तहसीलदार महेंद्र बहादुर के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। शुक्रवार को हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से तहसीलदार न्यायालय के न्यायिक कार्य का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने का निर्णय लिया। साथ ही आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए जिले एवं अन्य तहसीलों के अधिवक्ताओं से समर्थन जुटाने का भी फैसला किया गया।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसीलदार के विरुद्ध तत्काल स्थानांतरण, कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच तथा अभिलेखों में कथित हेरफेर के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर तीन जुलाई को तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी को विस्तृत शिकायत और संबंधित दस्तावेज भी सौंपे गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि जांच के नाम पर पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार महेंद्र बहादुर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित कर रहे हैं। शिकायतों में पंजीकृत वसीयतनामों की अनदेखी, उत्तराधिकार के स्थापित क्रम से हटकर नामांतरण तथा एकपक्षीय मामलों में दोनों पक्षों की उपस्थिति दर्शाकर आदेश पारित करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक तहसीलदार न्यायालय के न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। साथ ही आंदोलन को और तेज करने के लिए जिले व अन्य तहसीलों के अधिवक्ताओं से संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता दयाशंकर दूबे तथा संचालन धनंजय राय ने किया। इस अवसर पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के संयोजक आलोक कुमार राय, आशुतोष कुमार राय, कृष्ण कुमार राय, राधेश्याम राय, पूर्व अध्यक्ष विमल कुमार राय, विनय कुमार राय, मुन्ना, संजय कुमार राय, जितेंद्र यादव, आनंद प्रधान सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
Published:

